होली पर शानदार हिंदी निबंध 2022 - Paragraph on Holi Essay in Hindi

Holi Festival Essay In Hindi 2022: हमारा भारत त्योहारों का देश है यहाँ हर साल कई प्रकार के त्योहार मनाये जाता है उन्हीं त्योहारों में से होली भारत का एक प्रमुख और महत्वपूर्ण त्योहार है जिसे संपूर्ण भारत में प्रति वर्ष बड़े ही उत्साह और हर्ष, उल्लास के साथ मनाया जाता है. जिसे हम रंगों का त्योहार (Festival) भी कहते है. होली एक ऐसा पर्व है जो रंगों के साथ क्षत्रुता को खत्म कर मित्रता और प्रेम का भाव प्रकट करता है.

इन्हीं तथ्यों से हमें यह मालूम पड़ता है कि होली मनाना हमारे कितना महत्वपूर्ण साबित होता है. हेलो दोस्तों कैसे हो उम्मीद करता हूँ की आप सब बढ़िया ही होंगे. दोस्तों आज के इस लेख में हमने यहाँ इस पृष्ठ पर Essay on Holi Festival in Hindi - होली के त्योहार पर हिंदी निबंध लिखा है. यदि आप होली पर हिंदी निबंध पढ़ना चाहते है तो आप बिलकुल सही जानकारी में आए है क्योंकि आज हम होली पर छोटे और बड़े लगभग एक से छह निबंध जानने वाले है तो चलीए आगे बढ़ते है और शुरू करते है

होली पर शानदार हिंदी निबंध 2022 - Paragraph on Holi Essay in Hindi
Holi Essay in Hindi

Paragraph on Holi Essay in Hindi - होली पर शानदार हिंदी निबंध 2022

1) Essay on Holi in Hindi | होली पर निबंध इन हिंदी

2) Holi Essay in Hindi 500 words | होली पर निबंध इन हिंदी 500 शब्दों में

3) Holi Essay in Hindi 300 words | होली पर निबंध हिन्दी 300 शब्दों में

4) Holi Essay in Hindi 250 words | होली पर हिंदी निबंध 250 शब्दों में

5) Essay on Holi 150 words | होली पर निबंध हिन्दी 150 शब्द

6) Holi par Essay 10 lines in Hindi | होली पर निबंध 10 लाइन हिंदी में


Essay on Holi in Hindi | होली पर निबंध इन हिंदी 2022

प्रस्तावना: होली का परिचय - होली हिन्दुओं का प्रमुख त्योहार है. जो प्रति वर्ष हिंदी महीनों के अनुसार फाल्गुन माह में फाल्गुनी पूर्णिमा के दिन होलिका दहन के बाद मनाया जाता है. इन दिनों किसानों की फसलें पक जाती है और चारों ओर होली को लेकर पूरे देश में खुशियो का ही माहौल छा जाता है. होली एक ऐसा त्योहार है जो लोगों की आपसी दुश्मनी को बुलाकर लोगों के अंदर खुशियाँ भर देता और बुराई को हराकर अच्छाई की जीत दिलाता है. इस दिन लोगों अपनी आपसी झगड़ो को बुलाकर एक दूसरे को गले लगते और रंग बिरंगे रंगों के साथ होली खेलते है. 

होली खेलना हमारे हिन्दू धर्म की प्राचीन परंपरा है लेकिन वर्तमान में यह पर्व प्राचीन परंपराओं से भी हटकर एकदम नए अंदाज के साथ मनाया जाता है. होली एक रंगों वाला त्योहार है जिसे सभी धर्मों के लोग एक महत्वपूर्ण उत्सव के रूप में मनाते है. इस दिन सभी लोग अपने धार्मिक प्रथाओं को बुलाकर एक दूसरे के प्रति भाईचारे का व्यवहार अपनाते है और मित्रता से इस रंगों के त्योहार होली का आनंद लेते है. इस दिन बच्चों से लगाकर बूढ़ो तक सब रंग रंगोलियाँ खेलते है. इस दिन लोग अपने घरों में कई प्रकार के पकवान बनाते है और एक दूसरे के घर जाकर सब आपस में मिलजुलकर बड़े ही चाव से खाते है.


होली की तैयारियाँ और बाजार में इसकी रौनक

होली मनाने के लिए सबसे जरूरी बात आती है  होली की तैयारियाँ को लेकर जिसमें घरों की साफ सफाई करना और अपने आसपास के स्थानों को सुंदर बनाना आदि कार्य सम्मेलित है. ताकि होली के दिन चारों ओर चमकता हुआ नजारा दिखे. इसलिए होली की विशेष तैयारियाँ होली के आने से कई दिनों पूर्व ही शुरू हो जाती जिसमें लोग होली मनाने के लिए अपने घरों को बहुत ही बढ़िया तरीके से सजाते, रंग बिरंगी पोशाकें बनवाते है, होली खेलने के आईटम खरीदते है, होली मनाने के लिए पैसों का इंतजाम करते है, होलिका दहन के लिए लकड़ी और गंडे का इंतजाम जैसी कई महत्वपूर्ण तैयारियाँ करते है.

होली के दूसरे दिन धुरेंण्डी होती है. धुरेंण्डी के ठीक एक दिन पहले यानी कि होली के दिन बाजारों में होली का मेला रहता है. इस दिन हर एक छोटे बड़े दुकानदार और व्यापारी अपने अपने हिसाब से होली पर उपयोग होने वाली सामग्री की बिक्री करते है. इस दिन बाजार में हमें सभी दुकानें अक्षर रंग, गुलाल, पिचकारी और ऐसे ही कई प्रकार के आकर्षक वस्तुओं से भरी दिखाई देती है. इस दिन खासकर लोग ज्यादातर रंग, कपड़े, जूते, आदि विशेष रूप से खरीदते है कपड़ो और राशन की दुकानों पर भारी भीड़ एकत्रित रहती है. छोटे बच्चे इस दिन विशेषकर बाजारों में पिचकारीनुमा तमंचे, रंग फेंकने के खिलौनों और मिठाइयाँ, हल्वे आदि खरीदते है. इस प्रकार बाजार में होली की रौनक झलकती है.


होलिका दहन के बाद होली का उत्सव

"होलिका दहन" होली के दिन पूर्णिमा को किया जाता है. इसे संवत जलाना भी कहा जाता है. इस दिन किसी भी पेड़ की शाखा को काटकर उसे जमीन में गाढ़ा जाता है फिर उसके चारों ओर लकड़ी और कंडे डालकर उसे सही से ढक दिया जाता है उसके बाद होलिका दहन के दिन सुबह जल्द ही सही मुहूर्त देखकर उसे जला दिया जाता है. उसे जलाने के बाद बची राख को घरों में लाकर तिलक लगाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि होलिका दहन करने से हमारे पूरा वर्ष सुखमयी होता है और भूरी भलाएँ अग्नि में भश्म हो जाती है. होलिका दहन खासकर अच्छे स्वास्थ्य के लिए, धन लाभ के लिए, बीमारी से मुक्ति के लिए, रोजगार के लिए, नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति के लिए, विवाह और वैवाहिक समस्याओं आदि के लिए किया जाता है.

होली के उत्सव के आगमन के लिए हर कोई उत्साहित रहते है और इसे लेकर चारों तरफ चहल-पहल रहती है. बाजारों में इसके लिए विशेष तैयारियाँ की जाती है यही नहीं होली के दिन सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर रंगों के ढेर हो जाते है, बस नजर आता है तो सिर्फ रंग ही रंग बरसात नजर आता है. सब लोग आज तो होली यह कहते हुए एक दूसरे को रंग लगाते और खुशी का अनुभव करते है. होली की खास बात तो यह है कि होली प्रेम भावनाओं को बिछड़ने से बचाती है यह बसंत ऋतु का स्वागत और आगमन करती है इसलिए इसे "वसंत उत्सव" भी कहा जाता है. जिसके चलते प्रकृति भी होली के लिए खुशी अनुभव करती है. वैसे तो होली को कई नामों से जाना जाता है लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में इसे होली, होलिका के नाम से जाना जाता है.

होली पर शानदार हिंदी निबंध 2022 - Paragraph on Holi Essay in Hindi


होली की शुरुआत और इसे मनाने की प्रचलित कथा कहानी

पुराने जमाने में होली का त्योहार अक्षर मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर मनाया जाता है था. लेकिन आज के समय में यह काफी ज्यादा लोकप्रिय और प्रसिद्ध त्योहार बन चुका है हर कोई इस त्योहार को लेकर बहुत ही उत्साहित रहते है. क्या आप जानते होली कब और क्यों मनाया जाता है?, इसकी शुरुआत कब हुई थी?इसे मनाने का कारण क्या है? होली की शुरुआत प्राचीन समय से मानी जाती है. इसका प्रमाण होली पर आधारित पौराणिक कथा है जिसमें हमें यह ज्ञात होता है कि होली की शुरुआत हिरण्यकश्यप के जमाने में हुई थी जिसका उल्लेख हमें उस कथा में देखने को मिलता है 

होली की प्रचलित पौराणिक एवं प्रामाणिक कथा का सार - प्राचीन समय में एक हिरण्यकश्यप नामक एक राक्षस था. जो बहुत ही खूंखार था. वह तीनों लोको में स्वयं को ही भगवान मानता था लोग हिरण्यकश्यप से भयभीत होकर भगवान की जगह हिरण्यकश्यप की पूजा अर्चना करते है थे. उसकी एक दैत्य बहन थी जिसका होलिका नाम था. होलिका को आग में कभी भी न जलने का वर्दान प्राप्त था. हिरण्यकश्यप का एक पुत्र था जिसका नाम प्रहलाद था जो मुख्य रूप से भगवान विष्णु की पूजा करता था क्योंकि प्रहलाद भगवान विष्णु के सच्चे भक्त थे. उन्होंने अपने पिता की पूजा कभी नहीं की, उनके पिता बार-बार उन्हें विष्णु की पूजा करने से रोकते थे.

लेकिन प्रहलाद ने पिता की बात नहीं मानी और भगवान विष्णु की पूजा करने से रुके भी नही. जिसके कारण प्रहलाद को उनके पिता द्वारा अनेकों दंड दिए गए. लेकिन प्रहलाद को कुछ भी नहीं हुआ क्योंकि उनकी रक्षा साक्षात हरी हर भगवान विष्णु कर रहे थे. प्रहलाद पर कोई भी असर न होने पर हिरण्यकश्यप ने एक योजना बनाई, उसने अपनी बहन होलिका के साथ प्रहलाद को जलाने का फैसला किया है यह बात उसने अपने बहन होलिका को बताई. होलिका ठीक अपने भाई हिरण्यकश्यप के बताएँ गए अनुसार फाल्गुन माह की पूर्णिमा को प्रहलाद को अपने साथ लेकर जलती अग्नि में बैठ गई लेकिन प्रहलाद को कुछ नहीं हुआ और होलिका अपने आग में कभी न जलने के वर्दान के बावजूद भी जलती चिता में जलकर राख हो गई.


होली का महत्व

होली हिन्दुओं के चार प्रमुख पर्वो में से एक है जो हमारे हिन्दू धर्म का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध त्योहार है. यह हमारी सांस्कृतिक और पारंपरिक परंपराओं से बंधा हुआ है. यह समाज में खुशियों को लाकर तमाम लोगों को हर्षित करता है. इस त्योहार को हमेशा हर क्षेत्रों में लोग अपने-अपने पारंपरिक और सांस्कृतिक रीति रिवाजों अनुसार से मनाते है. यह हमारे बिगड़े हुए रिश्ते को मित्रता में परिवर्तित कर हमें नए रिश्तेदारों, मित्रों और अपने चाहने वालों की मुलाकात करवाता है. यह हमारे समाज में धर्म, जाति, रंगभेद, और ऊँच-नीच के भेदभावों को कम करता है. यह सर्दी के मौसम का अंत कर गर्मियों के मौसम की शुरुआत करता है. इसलिए इस पर्व को मनाने के पीछे भी बड़ी-बड़ी मान्यताएँ छिपी हुई है. इस प्रकार होली हमारे दैनिक जीवन, समाज, रिश्तों और बंधनों में महत्व रखता है.


होली का निष्कर्ष

होली हमारे प्रमुख भारतीय त्योहारों मे से एक सबसे बड़ा पर्व है इसलिए हमें इसे मनाने के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ने चाहिए लेकिन हाँ इसे मनाने के लिए हमें सावधानियाँ जरूर बरतनी चाहिए ताकि किसी को ठेस न पहुँचे और नाच, गान में झगड़े होने का खतरा टले, आप ज्यादा से ज्यादा कोशिश करें होली अपने परिवार वालों या रिश्तेदारों के साथ मनाएँ ताकि आप सुरक्षित रहे क्योंकि आज के समय में सिर्फ अय्यासी और मजे लेने वाले लोग शराब पीकर बिना किसी वजह के विवाद पैदा कर देते है, जो हमारे लिए हानिकारक मामले हो सकते इसलिए बेहतर है कि आप जितना हो सके उतना सेफ्टी के साथ होली का आनंद ले और भरपुर ले. इन तथ्यों को बताने का हमारा मुख्य उद्देश्य सिर्फ यही था हम अपने यूजरो को सही और सटीक जानकारी उपलब्ध करवा सके.


Holi Essay in Hindi 500 words | होली पर निबंध इन हिंदी 500 शब्दों में 2022

होली एक प्रमुख भारतीय त्योहार है जो पूरे विश्व में प्रसिद्ध है. इसे प्रत्येक वर्ष फाल्गुन माह की पूर्णिमा को मनाते है. यह मुख्य रूप से भारत और नेपाल में मनाया जाने वाला त्योहार है. इस दिन संपूर्ण देश में अवकाश रहता है. यह त्योहार भारत के अन्य इलाकों में अलग-अलग तौर तरीकों से मनाया जाता है. इसे ब्रज की होली, बरसाने की होली, मथुरा की होली वृंदावन की होली, काशी की होली जैसे नामों से जाना जाता है. यह त्योहार खासकर दो दिन का होता है. पहले दिन फाल्गुन माह की पूर्णिमा को होलिका दहन होता है और दूसरे दिन धुरेंण्डी होती जिसमें लोग रंग, गुलाल कर नाच, गान करते है.

होली के पहले दिन लोगों द्वारा होलिका दहन किया जाता है. इस दिन लोगों अपनी नकारात्मक शक्ति और भावनाओं को आहुति देते है और इन्हें होलिका दहन के साथ अग्नि में भश्म कर कर अपने अंदर नए सकारात्मक विचार जागृत करते है. धुरेंण्डी वाले दिन को बहुत ही महत्वपूर्ण दिन माना जाता है क्योंकि इस दिन लोग आपस में मिलकर होली खेलते है और विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम करते है. इस दिन लोग होली को मनोरंजक बनाकर खुशी का अनुभव करते है और सब रंगों के साथ खेलते है. इस दिन का सबसे ज्यादा इंतजार बच्चों को रहता है होली आने पर बच्चे बहुत ही खुश हो जाता है इस दिन वो रंग से भरी पिचकारी को एक दूसरे पर फेंकते है और आनंद लेते है.

होली उल्लास का पर्व है इसलिए इस दिन लोग दूसरों के घर जाते है. यहाँ तक अपने दुश्मन के घर भी जाते है और अपनी दुश्मनी को बुलकर रंगों में दुश्मनी को खत्म कर देते है. बहुत से लोग तो अपने रिश्तेदारों को घर बुलाने का भी न्योता देते है और रिश्तेदारों, संबंधियों के साथ मिलकर होली को ओर भी अधिक प्रभावशाली त्योहार बनाते है. इस दिन लोग जात-पात को बुलकर सभी धर्मों के परिजनों के साथ होली का भरपुर मजा लेते और सब भाईचारे की नीती अपनाते है. अगर हम होली को इस नजरिए से देखें तो हमें ऐसा महसूस होता है कि होली एकता और मेलझोल का त्योहार है जो हमारे जीवन की उस बिछड़ी कड़ी को वापस जोड़ता है.

होली एक ऐसा त्योहार है जो बुराइयों को खत्म करता है और अच्छाइयों को जागृत करता है. यह दुश्मनी को मित्रता में बदलता है. यह नफरत और नाराजगी को मिटाकर नए रिश्ते बनाता है. यह सामाजिक बुराइयों को नष्ट करता है. यह जातिवाद, रंगवाद, पंतवाद जैसे भेदभाव को भी समाप्त करता है. इसलिए होली मनाना हमारे लिए कितना अतिआवश्यक है यह तो आप समझ ही सकते है. होली हमारी उन तमाम समस्याओं का निराकरण करता है जो हमारे दैनिक जीवन में आती है. क्योंकि होली सिर्फ और सिर्फ खुशियाँ ही बांटने वाला त्योहार है. जो हम सबकी सबसे बड़ी चाहत होती है. होली का उद्देश्य सिर्फ प्यार, मोहब्बत को बढ़ावा देना है.

होली केवल एक त्योहार ही नहीं बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं से जुड़ा हुआ अहम हिस्सा है जो हमें सभी धर्मों के साथ एकजुट होकर रहने का संदेशा देता है. यह त्योहार उन हजारों लोगों की आशा और चाहत है जो होली को परिपूर्ण समझते है इसके करीब होकर इसका आनंद लेते है. होली यूँ ही नहीं मनाया जाता है इसके पिछे रहस्यमयी परंपराएँ जुड़ी हुई है. जिस प्रकार हर त्योहार के पिछे उसे मनाने के लिए पौराणिक कथा जुड़ी हुई होती हैं ठीक उसी प्रकार होली भी उन्ही पौराणिक और प्रामाणिक कथा के अनुसार मनाया जाता है. जो भगवान विष्णु और हिरण्यकश्यप की कथा है.


Holi Essay in Hindi 300 words | होली पर निबंध हिन्दी 300 शब्दों में 2022

होली एक पूरे भारतवर्ष में मनाया जाने वाला फेंस्टिवल है. जो प्रत्येक वर्ष फाल्गुन माह की पूर्णिमा को पढता है. इस दिन देश के कोने कोने में उत्साह और उल्लास का माहौल रहता है. इस त्योहार को देश के विभिन्न राज्यों में अलग-अलग पारंपरिक ढंग से मनाया जाता है. खासकर उत्तर भारत में इसका नजारा कुछ अलग ही होता है यहाँ गली-मोहल्ले और बाजारों के चौराहों पर लकड़ी इकट्ठा कर होलिका दहन किया जाता है और शाम को नारियल के साथ हवन पूजा की जाती है.

होली के दिन सरकारी स्थान, व्यापारिक संस्थान, औद्योगिक प्रतिष्ठान आदि बंद रहते है. बाजारों में सभी दुकानें भी बंद रहती है सड़के सुनचान रहती है. क्योंकि इस दिन सब होली का मंगलमय आनंद लेते है और मोजमस्ती करते है. सब एक दूसरे पर रंग फेंकते है इसलिए इस दिन 'रंग महोत्सव' भी कहा जाता है. इस दिन लोग लाल रंग और गुलाल का उपयोग करते है क्योंकि मान्यता है कि लाल रंग और गुलाल प्यार के प्रतिक है जो हमारे शरीर के साथ ही हमारी आत्माओं और भावनाओं को भी रंगने का कार्य करता है.

यह त्योहार हमारी प्राचीन संस्कृति का अंग है. यह कृष्ण और राधा की प्रेम कहानी का भी अंश है. ब्रज क्षेत्र में लोग इसे कृष्ण और राधा की प्रेम कहानी पर आधारित तथ्यों के अंतर्गत मनाते है ब्रज में इस दिन लोग कृष्ण और राधा जैसे ही हूबहू चरित्र गोपियाँ बनाकर सजाते है और उनके चेहरे पर रंग लगाकर उनकी पूजा करते है. दक्षिण भारत में कुछ लोग इस दिन भगवान शिव और कामदेव की पूजा अर्चना करते है. यह खासकर भगवान कामदेव के बलिदान को यादगार बनाने के लिए मनाते है. क्योंकि भगवान शिव का ध्यान भंग होने पर कामदेव ने उन्हें शांत किया था. 

इस प्रकार होली विभिन्न गाथाओं, पौराणिक कथाओं और कहानियों के अनुसार मनाया जाता है. होली हमारे पारस्परिक संबंधित को बनाए रखने का काम करता है. इसे मनाने से हमारे सारे रोग दूर हो जाते है और हमारा जीवन खुशहाल हो जाता है. होली वैसे तो अलग-अलग नामों से मनाई जाती है लेकिन लठमार होली सबसे ज्यादा प्रसिद्ध नाम है. इसमें महिला पुरुषों को कपड़े के बने हुए कोड़े मारती है और पुरुष इनसे बचने के लिए ढाल का प्रयोग किया करते हैं. इस तरह देश विभिन्न स्थानों पर होली मनाया जाता है.

होली पर शानदार हिंदी निबंध 2022 - Paragraph on Holi Essay in Hindi


Holi Essay in Hindi 250 words | होली पर हिंदी निबंध 250 शब्दों में 2022

होली आने पर सबके चेहरे खुशियों से खिल उठते है. सब बेफिक्र होकर होली का आनंद लेते है. यह खासकर हिन्दुओं का त्योहार लेकिन सभी धर्मों के लोग नए जोश और उत्साह के साथ मनाते है. इस दिन लोगों द्वारा अक्सर फागण गया जाता है और इसके साथ ही नाच, गान भी किया जाता है. क्योंकि होली फाल्गुन माह को आती है. 

होली किसी अमीर और गरीब को नही मानती यह तो प्यार और खुशियों की भाषा समझती है. होली राजा हिरण्यकश्यप और भक्त प्रहलाद की एक छोटी सी कहानी के आधार पर मनाई जाती है. लेकिन कुछ तथ्यों में यह भी कहा जाता है कि इस दिन भगवान शिव का यज्ञ भंग होने पर वो बहुत क्रोधित हो गए थे तब उन्हें भगवान कामदेव ने रोका था. 

इस दिन भगवान शिव और कामदेव के उपासक भी इस त्योहार को अपने तरीके से मनाते है. होली हमारे हिन्दुत्वों की भिन्न-भिन्न परंपरा के खातिर मनाया जाता है. इस दिन सभी के घरों में कई प्रकार के व्यंजन बनाए जाते जैसे पकौडी, गुलाब जामुन, गुलगुले, पुरीयाँ, लुब्दी आदि पकवान शामिल है अधिकांश लोग एक साथ एक जगह एकत्रित होकर इन व्यंजनों का स्वाद लेते है.

होली के दिन सब लोग रंग से गिले हो जाते है और उन्हें पहचानना भी मुश्किल हो जाता है. इस दिन हमें सभी स्थानो पर यहीं सुनाई देता है आज तो होली है, होली है चारों तरफ यहीं चहल-पहल रहती है और हर क्षेत्रों में होली की धुंध ही सुनाई देती है. लोग डीजे बजाकर डांस करते है. इस दिन वो विस्की, बीयर, पौवे आदि पीते है और होली के जश्न का उत्साह लेते है इस प्रकार फाल्गुन माह में होली का पर्व मनाया जाता है.


Holi Essay in Hindi 150 words | होली पर निबंध हिन्दी 150 शब्द 2022

होली भारत का सबसे प्रसिद्ध और लोकप्रिय हिन्दू त्योहार है. जो अन्य देशों में भी बड़े ही हर्ष के साथ मनाया जाता है. यह भारत में सबसे ज्यादा खुशियाँ बांटने वाला पर्व है. जो एक ऐसा त्योहार है जो रंग की बूंदे बरसाता है.

होली फाल्गुन माह, पूर्णिमा की रात को जलाई जाती है और सुबह इसका बेहद ही जबरदस्त जमकर मजा लिया जाता है. होली के दिन सब लोग अलग-अलग तरह रंग उड़ाते है और सब रंग बिरंगे हो जाती है. मानो की ऐसा लगता है कि वो रंगों में डुबकी लगाकर निकाले हो.

होली हमारी नई फसलों का भी त्योहार है. इन दिनों हमारी फसलें कटकर कच्चे माल के रूप में तैयार हो जाती है. किसानों के चेहरे खुशियों से झलकते हुए दिखाई देते. होली पर बाजारों में मेला भरता है इस दिन सब लोग कई प्रकार की सामग्रियाँ खरीदते है दूसरे दिन धुरेंण्डी पर सब हर्ष और उल्लास के साथ होली मनाते है.

इस प्रकार हमारे हिन्दू लोग होली का सम्मान करते हुए इसे आदर्शपूर्वक मनाते है. होली का त्योहार हमारी संस्कृति का अहम भाग है. यह हर साल फाल्गुन माह में आता है. जो हमेशा एक नई उम्मीद और आशाएँ लेकर आते हुए लोगो की झोली में खुशियाँ ही खुशियाँ भर देता है.


Holi par Essay 10 lines in Hindi | होली पर निबंध 10 लाइन हिंदी में 2022

1. होली हिन्दुओं का सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण त्योहार है. यह हमारी हिन्दू परंपराओं से जुड़ा हुआ है. 

2. होली हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा को आता है. जिसमें यह दो दिन का जश्न होता है. 

3. होली के पहले दिन होली दहन होता है और दूसरे दिन रंगों जश्न होता है.

4. होली दहन बुराइयों का पर्दाफाश कर अच्छाई की जीत दिलाता है.

5. होली के दिन लोग कई प्रकार के पकवान और व्यंजन बनाते है.

6. होली पर लोग होली का स्वागत रंगों और गुलालों से करते है.

7. होली एक ऐसा त्योहार है जो संगठन में शक्ति पैदा करता है.

8. यह त्योहार लोगों की आपसी लड़ाइयों को खत्म कर मित्रता का भाव जागृत करता है.

9. इस दिन सब लोग एक साथ मिलकर होली का आनंद लेते है.

10. सच कहें तो होली भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है. जो कभी भी अलग नहीं हो सकता है.


Paragraph on Holi Essay FAQ in Hindi

Q.1 होली कब और क्यों मनाई जाती है?

Ans. होली प्रति वर्ष मार्च के महीने में फाल्गुन, पूर्णिमा को मनाई जाती है. वैसे तो इसे मनाने के पिछे कई सारी पौराणिक कथाएँ और भावनाएँ प्रचलित है. उन्ही में प्रहलाद और उनके पिता हिरण्यकश्यप की कथा सबसे ज्यादा प्रचलित है जिस पर आधारित होली मनाई जाती है.

Q.2 होली मनाने का कारण?

Ans. होली हमारे भारत का एक बड़ा त्योहार है जो हमें रंगों के साथ खुशी अर्पित करता है. यह हमारे रिश्ते को गहरा बनाता है. यह हमारी आपसी दुश्मनी को खत्म करने का संदेश देता है इसलिए होली मनाना हमारे लिए बेहद ही जरूरी है.

Q.3 होली कैसे मनाई जाती है?

Ans. होली हमेशा ढोलक बजाकर, एक जगह इकट्ठा होकर, दोस्तों और रिश्तेदारों में गुलाल लगाकर मनाई जाती है. इस दिन लोग अपने दुश्मन के घर जाकर दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए रिश्तों में बंध जाते है.

Q.4 होली कब से मनाया जाता है?

Ans. होली मनाने की परंपरा बहुत ही प्राचीन है. इसकी तैयारियाँ आने से कई दिनों पहले ही शुरू कर दी जाती है. लेकिन यह त्योहार खासकर मार्च के महीने मे मनाया जाता है.

Q.5 होली का क्या महत्व है?

Ans. होली हमारे देश की आन है इसका महत्व खुशियों के साथ जोड़ा जाता है. होली हमारी सांस्कृतिक भूमिकाओं का अर्थ व्यक्त करता है. यह हमारी दुखी रही भूमि को खुशहाल बना देता है वास्तव में होली का कुछ अलग ही महत्व होता है.

Q.6 होली पर क्या करें?

Ans. होली के दिन रंगों का प्रयोग कम से कम करें और इसकी जगह गुलाल का ही उपयोग करें क्योंकि रंग हमारे स्वास्थ्य और शरीर के लिए बहुत ही हानिकारक होता है.

Q.7 होली कितने देशों में मनाई जाती है?

Ans. होली मुख्य रूप से तो भारत का त्योहार है लेकिन इसे अन्य देशों भी उसी प्रकार मनाते है जिस प्रकार भारत में मनाया जाता है जिसमें भारत, नेपाल, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्री लंका जैसे देश आते है.

Q.8 होली के बाद क्या आता है?

Ans. होली आने के साथ ही आप समझ जाओ कि त्योहारों की शुरुआत हो गई. क्योंकि होली अपने साथ कई बड़े बड़े त्योहार भी लेकर आता है. जो होली के जाने के अप्रैल में आते है. जिसमें नवरात्रि, गुड फ्राइडे, ईस्टर डे जैसे लोकप्रिय त्योहार शामिल है.

Q.9 होली का इतिहास क्या है?

Ans. होली भारत का सबसे प्राचीन त्योहारों मे से एक है इसका इतिहास काफी पुराना है इतिहासकारों का मनाना है कि यह त्योहार आर्यो से भी पहले मनाया जाता था. जिसका उल्लेख आर्यो की किताबों में मिला था. होली शुरू-शुरू में मुख्य रूप से पूर्वी भारत में ही मनाया जाता था.


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