Essay on Albert Einstein in Hindi - अल्बर्ट आइंस्टीन पर निबन्ध

Hello सर स्वागत है आपका आज की इस निबंध (Essay) की जानकारी में, सर आज हम यहाँ इस पृष्ठ पर Albert Einstein पर निबंध जानने वाले है.

अल्बर्ट आइंस्टीन एक महान गणितज्ञ और भौतिक विज्ञानी थे. उन्हें उन तमाम महान वैज्ञानिकों में से एक माना जाता है जिन्होंने विज्ञान की दुनिया में बड़े-बड़े करिश्मे किए है.

अल्बर्ट आइंस्टीन भावुकता, प्रतिबद्धता और जातिवाद के विरोधी थे. उन्होंने अपने जीवनकाल में लगभग 300 से भी ज्यादा वैज्ञानिक शोधों और पत्रों को प्रचलित किया है.

अल्बर्ट आइंस्टीन पर निबन्ध - Essay on Albert Einstein in Hindi


अल्बर्ट आइंस्टीन पर निबन्ध | Essay on Albert Einstein in 500 words in Hindi

दुनिया के सबसे प्रसिद्ध वैज्ञानिक Albert Einstein को खासकर प्रकाश विद्युत प्रभाव, द्रव्यमान-ऊर्जा समीकरण E = mc², ब्राउनियन गति का सिद्धांत, ईपीआर विरोधाभास, एनसेंबल व्याख्या, गुरुत्वीय तरंग आदि के लिए जाना जाता है. अल्बर्ट आइंस्टीन ने अपने पूरे जीवन में बहुत से लेख और किताबों का प्रकाशन किया है. उन्हें ज्यादातर "Bose Einstein" के नाम से संबोधित किया जाता था. उनकी स्थानीय मातृभाषा जर्मन थी जिसमें उन्होंने अपनी शुरुआती वैज्ञानिक तथ्यों का मूल्यांकन किया था. बाद में उन्होंने धीरे-धीरे इतालवी भाषा और अंग्रेजी का ज्ञान अर्जित किया था.


अल्बर्ट आइंस्टीन का बचपन, शिक्षा और शुरुआती जीवन

Albert Einstein का जन्म 14 March 1879 को उल्म, वुर्ट्टनबर्ग, जर्मनी में हुआ था. आइंस्टीन यहूदी परिवार में जन्मे थे उनके पिता का नाम हेर्मन्न आइंस्टीन था और Mother का name पौलिन कोच आइंस्टीन था. उनके पिता इंजीनियर और सेल्समैन की जाॅब करते थे. उनका परिवार पहले उल्म, वुर्ट्टनबर्ग में ही रहता था लेकिन कुछ साल वहां रहने के बाद वह सन 1880 में उनके चाचा के पास म्यूनिख चले गए थे.

अल्बर्ट आइंस्टीन ने पांच वर्ष की आयु में अपनी प्रारंभिक पढ़ाई 3 वर्ष तक "कैथोलिक प्राथमिक विद्यालय म्यूनिख" में करी थी. अल्बर्ट आइंस्टीन के पिता उन्हें एक इंजीनियर बनाना चाहते थे. उन्हें शुरू में काफी मुश्किलों का शामना करना पड़ा था क्योंकि वह बचपन में गणित विषय के बहुत ही कमजोर विद्यार्थी थे. बाकी सब विषय में तो उन्हें समझ आता था लेकिन गणित ही एक ऐसा विषय था जो उन्हें समझ ही नहीं आता था. इससे उन्हें स्कूल में उनके अध्यापक बहुत डांटते थे.

1880 में अल्बर्ट आइंस्टीन के चाचा और उनके पिता हरमन ने "Elektrotechnische Fabrik J. Einstein & Cie" कंपनी बनाई थी. जो मुख्य रूप से बिजली उपकरण बनाने का कार्य करती थी. अल्बर्ट आइंस्टीन भी उस कंपनी में पिता और चाचा की मदद करते थे सब कुछ ठीक ही चल रहा था लेकिन कुछ सालों बाद 1894 में किसी कारण से वे उनकी कंपनी में बिजली उपकरण के लिए प्रबंधन नहीं कर सके जिसके कारण उन्हें उस कंपनी को बेचना पड़ा और एक बहुत बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ा था.

कंपनी बेचने के बाद Albert Einstein की पूरी Family व्यवसाय की तलाश में इटली के पाविया शहर चली गई थी. लेकिन Einstein अपने बाकी की पढ़ाई कम्प्लिट करने के लिए म्यूनिख शहर में ही रूके हुए थे. कुछ दिनों बाद 1894 के अंत में वह अपनी फैमली से मिलने के लिए पाविया शहर गये थे. उसके बाद उन्होंने उन्होंने 16 वर्ष की आयु में "ज़्यूरिख स्विस फ़ेडरल पॉलिटेक्निक स्कूल" में होचचुले और ईटीएच की प्रवेश परीक्षा दी थी. जिसमें वह ज्यादा सफल नहीं हो पाये थे.

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Albert Einstein विवाह (marriage) और बच्चे (Children)

अल्बर्ट आइंस्टीन की Wife का नाम मिलेवा मेरिक है. उनकी शादी सन 1903 को स्विट्जरलैंड में हुई थी. 1896 में जब स्विट्जरलैंड में आइंस्टीन अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी कर रहे थे तब वह प्रोफेसर जोस्ट विंटेलर की family के साथ रहते थे इस दौरान उन्हें वही पर जोस्ट विंटेलर की बेटी मेरिक से प्रेम हो गया था और वह उस समय से ही मेरिक से सच्चा प्रेम करने लगे थे.

अल्बर्ट आइंस्टीन की पत्नी मेरिक ने गणित में डिप्लोमा किया था जिसमें वह भौतिक में छह छात्रों में से प्रमुख थी. आइंस्टीन और मेरिक ने एक साथ ही भौतिकी की किताबों को पढ़ा था. 

सन 1900 में अल्बर्ट आइंस्टीन ने फिजिक्स सब्जेक्ट में डिप्लोमा हासिल किया था. मेरिक के दो पुत्र थे हंस अल्बर्ट आइंस्टीन और एडुअर्ड. हंस अल्बर्ट का जन्म 1904 को बर्न में हुआ और दुसरे बेटे एडुअर्ड का जन्म 1910 को ज़्यूरिख़ में हुआ था.

आइंस्टीन ने 14 फरवरी 1919 को मेरिक को तलाक दे दिया क्योंकि उनको 'एल्सा लोवेनथल' से प्यार हो गया था वह एल्सा के प्रति आकर्षित हो गए थे. 1919 में आइंस्टीन ने एल्सा लोवेनथल से विवाह किया था. लेकिन 1935 में एलसा को हृदय समस्या की problem होने की वजह से 1936 में उनकी मृत्यु हो गई थी.

1923 में अल्बर्ट आइंस्टीन ने बेट्टी न्यूमैन नाम की एक सचिव से प्यार किया था जो उनके प्रिय मित्र हंस मुशाम की भतीजी थी. ऐसे ही अल्बर्ट आइंस्टीन ने अपने जीवन में लगभग 6 पत्नीयां होने का जिक्र किया है. जिसमें मार्गरेट लेबाच, टोनी मेंडल, एस्टेला काटजेनबेलोजेन, मार्गरिटा कोन्नेकोवा आदि शामिल है. 


अल्बर्ट आइंस्टीन के आविष्कार

सामान्य सापेक्षता: अल्बर्ट आइंस्टीन ने सामान्य सापेक्षता का आविष्कार 1907 में शुरू किया था जो 1915 में प्रकाशित हुआ था. उसमें गुरुत्वाकर्षण के विकसित होने के सिद्धांत दिए गए थे. जिसमें किसी चीज को ऊपर फेंकने पर वापस वह वस्तु नीचे गिरती है जो गुरुत्वाकर्षण कहलाता है और उसमें ऐसी मान्यता छपी हुई है.

प्रकाश विद्युत प्रभाव: आइंस्टीन ने प्रकाश विद्युत प्रभाव की सफल खोज 1905 में करी थी. उन्होंने मैक्स प्लांक सिद्धांत के माध्यम प्रकाश विद्युत प्रभाव को बहुत सरल और सटीक व्याख्या में समझया है. जिसमें प्रकाश ऊर्जा पैकटों में छोटे-छोटे के रूप में चलती है.

विशेष सापेक्षता: आइंस्टीन ने विशेष सापेक्षता की संरचना 1905 में पेश करी थी. आइंस्टीन विशेष सापेक्षता के तथ्यों दो अवधारणाओं में प्रकाशित किया हुआ है.

अल्बर्ट आइंस्टीन अन्य आविष्कार:

  • द्रव्यमान-ऊर्जा तुल्यता ई = एमसी 2
  • ब्रह्माण्ड संबंधी स्थिरांक
  • बोस-आइंस्टीन कंडेनसेट
  • आइंस्टीन क्षेत्र समीकरण
  • ब्राउनियन गति का सिद्धांत
  • बोस-आइंस्टीन सांख्यिकी
  • गुरुत्वीय तरंग
  • ईपीआर विरोधाभास
  • एकीकृत क्षेत्र सिद्धांत
  • एनसेंबल व्याख्या आदि.


अल्बर्ट आइंस्टीन नोबेल प्राइज

Albert Einstein ने अपनी जीवन में कई नोबेल प्राइज Award अपने नाम किए है. उन्हें अपना पहला award मत्तयूक्की मैडल सन 1921 में मिला था उसके बाद इन्हें फिर से 1921 में ही नोबेल पुरस्कार द्वारा सम्मानित किया गया था. 1925 में उन्हें कोपले मैडल से नवाजा था. उसके अलावा 1929 में मैक्स प्लांक मैडल और 1999 में शताब्दी टाइम पर्सन पुरस्कार मिला था.


अल्बर्ट आइंस्टीन के अनमोल विचार

1. अल्बर्ट आइंस्टीन का मानना है दो चीजे हमेशा अनंत होती है जिसमें पहला तो ब्राह्मण और दूसरी मनुष्य की मूर्खता.

2. उनका यह भी कहना है कि किसी व्यक्ति को किसी समस्या से हार नहीं माननी चाहिए और उसे उस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए.

3. हमारे जीवन हर चीज गिनी जाती है वह हमारे लिए कोई मायना नहीं रखती है और जो गिनी नहीं जाती वह हमारे जीवन के लिए बहुत ही बहुमूल्य और मायने रखती है.

4. हमारा जीवन एक मोटर वाहन की तरह है इस पर बैलेन्स बनाए रखने के लिए हमें निरंतर चलते रहना चाहिए.

5. आप अपने जीवन, करियर में तक तक फैल नहीं होते है जब आप प्रयास करना छोड़ नहीं देते.

6. किसी भी वस्तु को तुम नजदीक से और गहराई से देखो तभ ही आप उसे बेहतर ढंग से समझ सकते है.


Essay on Albert Einstein FAQ

1.अल्बर्ट आइंस्टाइन का जन्म कहां हुआ था.

14 मार्च 1879 को जर्मन, उल्म, वुर्ट्टनबर्ग में हुआ था.

2. आइंस्टीन को नोबेल पुरस्कार कब मिला.

अल्बर्ट आइंस्टाइन को नोबेल पुरस्कार 1921 में मिला था.

3. अल्बर्ट आइंस्टीन की मृत्यु कब और कैसे हुई.

आइंस्टीन की मृत्यु 18 अप्रैल 1955 को पेट मे दर्द होने की वजह से हुई थी.


तो सर यह था आज का निबंध Essay on Albert Einstein in Hindi अल्बर्ट आइंस्टीन पर निबन्ध, जिसमें हमने जाना Essay on Albert Einstein in 500 words in Hindi तो आपको यह लेख, निबंध कैसा लगा हमें कमेंट करके जरूर बताएँ और हां इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि मैं आपके लिए ऐसी ही motivational और Informational जानकारी लाता रहूँ.


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