सर ओलिवर जोसेफ लॉज - Biography of Sir Oliver Joseph Lodge in hindi

सर ओलिवर जोसेफ लॉज: दुनिया (World) में हर पल हर दिन नई-नई Technology का निर्माण होता है, जिसमें वैज्ञानिकों का अहम योगदान होता है. क्योंकि वैज्ञानिक ही किसी भी नई चीज की खोज कर उस चीज का मूल्यांकन और प्रतिपादित कर उसे नया रूप और सिद्धांत देते है. जिसका हम अपने दैनिक जीवन में उपयोग करते है. आज हम ऐसे ही एक ब्रिटिश वैज्ञानिक Sir Oliver Joseph Lodge के जीवन परिचय के बारे में बात करने वाले है. जो रेडियो (Mic) का विकास और आविष्कार के लिए सहायक बने थे. बाकी रेडियो का आविष्कार तो "गुग्लील्मो मार्कोनी" ने किया था. यदि ये इसका आविष्कार नहीं करते तो आज शायद ही हमारे पास ध्वनि (Volume) सुनने का कोई Option होता. आज हम जो भी Mic के जरिए सूचना एक जगह से दूसरी जगह भेजते है और जानकारी को सुनते है वो सब इन्हीं का दिया हुआ वर्दान है. तो चलीए जानते हैं कि Sir Oliver Joseph Lodge कौन है? इनका जन्म कब और कहाँ हुआ था और इन्होंने रेडियो का प्रयोग कैसे? किया.

Biography of Sir Oliver Joseph Lodge in hindi
Biography of Sir Oliver Joseph Lodge in hindi

Sir Oliver Joseph Lodge biography in hindi

सर ओलिवर जोसेफ लॉज का जीवन परिचय: ओलिवर लाॅज का जन्म ब्रिटिश (England) में 12 जून 1851 को पेनखुल, स्टैफोर्डशायर (Penkhull, Staffordshire) में हुआ था. इनके जीवन काल का शफर लगभग 89 वर्ष तक का रहा था. 

लाॅज जब 12 वर्ष की आयु के थे तब वे अपने परिवार के साथ उत्तर की तरफ वोल्स्टनटन चलें गए थे. यहाँ इन्होंने अपने स्कूल की लम्बी छुट्टियों के दौरान वोल्स्टनटन मार्श के दक्षिण सिरे पर बने मोरटन हाउस में अपने पहले वैज्ञानिकी प्रयोगों का आरंभ किया था.

सन 1865 में जब लाॅज 14 वर्ष के थे तब उन्होंने अपने स्कूली शिक्षा रद्द कर दी थी. इसके बाद वो अपने माता-पिता के व्यवसाय में हाथ बटाने लगे थे और पिता मिट्टी के बर्तनों की कंपनी में एजेंट के तौर पर काम करते थे. जिसका नाम "ओलिवर लॉज एंड सन" था. इस काम में लाॅज को बीच-बीच में कभी-कभी स्कॉटलैंड की यात्रा में भी जाने का मौका मिला था.

22 की आयु तक लाॅज ने अपने पिता की help करना जारी रखा था. 18 की आयु में उनके पिता के व्यापार से बढ़ती हुई सम्पत्ति ने उन्हें चैटरली हाउस, हैनली में स्थानांतरण होने में सक्षम बनाया था. वहां लाॅज ने भौतिकी के व्याख्यान और बर्स्लेम में वेडवुड इंस्टीट्यूट में भी भाग लिया था. 

लाॅज पेशे से ब्रिटिश के एक "भौतिक विज्ञानी" और लेखक थे, इन्होंने Radio के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इसलिए इन्हें रेडियो पेटेंट के लिए प्रमुख धारक माना जाता है. इन्होंने स्वतंत्र विद्युत चुम्बकीय विकिरण की पहचान हर्ट्ज़ के प्रमाण द्वारा की थी. 

ओलिवर लाॅज ने सन 1894 में अपने राॅयल इंस्टीट्यूशन व्याख्यान (द वर्क ऑफ़ हर्ट्ज़) में, प्रारंभिक रेडियो तरंग डिटेक्टर का एक प्रदर्शन किया था जिसे इन्होंने "कोहेयर" कहा था. सन 1898 के आसपास इन्हें यूनाइटेड स्टेट्स पेटेंट ऑफिस द्वारा सिंटोनिक पेटेंट के नाम से सम्मानित किया गया था. 

1900 ई में लाॅज को बर्मिंघम विश्वविद्यालय का पहला प्रधानाचार्य (Principle) बनाया गया था. इसके बाद ये मृतकों के साथ संवाद करने की कोशिश में कठोरता से विश्वास करते हुए, मनोवैज्ञानिकी अनुसंधान के केंद्र में प्रमुख हो गए. इन्होंने यहाँ  1902 तक अध्ययन कराया था. जिसमें इन्हें 'नाइट' की उपाधि प्रदान की गई थी. 

सर ओलिवर जोसेफ लॉज - Biography of Sir Oliver Joseph Lodge in hindi

ओलिवर लाॅज का प्रयोग Oliver Joseph Lodge experiment

विद्युत चुंबकत्व और रेडियो संपादित का अध्ययन लाॅज ने 1876 में ही शुरू कर दिया था. उस समय लाॅज का गणितीय भौतिक में गहन अध्ययन काफी सीमित था. सर्वप्रथम विद्युत और चुंबकत्व का ग्रंथ 1873 में जे.सी. मैक्सवेल ने दिया था. 

लेकिन लाॅज भी कम नहीं थे क्योंकि इन्हें मैक्सवेल के ईथर सिद्धांत की वकालत और विस्तार के लिए सबसे अच्छी तरह से जाना जाता है. मैक्सवेल के दिए सिद्धांत से प्रभावित होकर लाॅज में विद्युत चुम्बकीय तरंगों को उत्पन्न करने का और भी होसला मजबूत हो गया था. लेकिन कुछ बाधाओं के चलते लाॅज का प्रयोग धीमा हो गया. 

पहले तो लाॅज ने न्यूनतम आवृत्तियों की बजाय उच्च आवृत्तियों के साथ रेडियो तरंगों को उत्पन्न करने की तरकीब के बारे में सोचा. सन् 1887 में रॉयल सोसाइटी ऑफ आर्ट्स ने इन्हें बिजली पर व्याख्यान की एक श्रृंखला देने को कहा गया था. जो इनके लिए पहला अवसर था.

1888 को लाॅज ने England में हुई ब्रिटिश साइंस एसोसिएशन बैठक में तारों के साथ विद्युत चुम्बकीय तरंगों के आधार पर अपना प्रयोग प्रस्तुत किया, जिसमें इन्होंने हर्ट्ज़ के कार्य को स्वीकारते हुए एक पोस्टस्क्रिप्ट जोडा गया था. इस तरह विद्युत विकिरण का पूरा विषय अपने आप में शानदार ढंग से काम कर रहा है

इस प्रकार लाॅज ने विद्युत चुम्बकीय तरंगों के संदर्भ में रेडियो विकास मे महत्वपूर्ण रूप से भाग लिया. जिसकी वजह से आज भी हम इन्हें याद करते है. आशा है कि "सर ओलिवर जोसेफ लॉज - Biography of Sir Oliver Joseph Lodge in hindi" जानकारी अच्छी लगी होगी यदि जानकारी अच्छी लगे तो कृपया अपने दोस्तों में जरूर शेयर करें


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