विनोद रस्तोगी का जीवन परिचय - Vinod Rastogi Biography and History in Hindi

स्वागत है आपका आज के इस लेख में, आज हम नौटंकी शैली और एकांकी नाटक (Drama) के प्रसिद्ध लेखक विनोद रस्तोगी का जीवन परिचय जानने वाले हैं. जैसा कि आप जानते ही होंगे कि विनोद रस्तोगी नौटंकी शैली के महान लेखक कहें जाते हैं. 

विनोद रस्तोगी एक ऐसे लेखक हुए थे जिन्होंने समाज में बदलाव करने का प्रयास किया था और नारी जाति को आदर्श देने का संदेश दिया था. हर तरफ से उन्होंने सिर्फ और सिर्फ समाज को ही बदलाने का प्रयास किया था. 

उन्होंने समाज में व्याप्त दहेज का प्रथा के नाटक रचे, बटवारे से संबंधित नाटक रचे और समाज में एक नई नींव रखी. आज वो भले ही जीवित नहीं है पर हम उनके व्यक्तित्व और उनकी भावनाओं को कभी नहीं भूल सकते है.

नौटंकी एक ऐसी शैली है जो समाज में व्याप्त बुराइयों को समाप्त करने का प्रयास करती है. लेकिन कालांतर में आई बुराइयों की वजह से लोग इसे देह दृष्टि से देखने लगे थे. लेकिन विनोद रस्तोगी जी ने इसके खिलाफ आवाज उठाई और इस नाट्य के पुनरोत्थान का जिम्मा लिया था

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विनोद रस्तोगी का जीवन परिचय - Vinod Rastogi Biography and History in Hindi
Vinod Rastogi Biography and History in Hindi


विनोद रस्तोगी का परिचय | Vinod Rastogi Introduction

नाम: विनोद रस्तोगी

जन्म: 12 मई 1923

जन्म स्थान: फर्रुखाबाद, शमसाबाद गांव

प्रारंभिक शिक्षा: शमसाबाद कस्बे से

व्यवसाय: नौटंकी शैली के लेखक

प्रसिद्धि: एकांकी नाटक के लेखक के रूप में

रचनाएँ: भीष्म पितामह, बहु की विदा, दरारें विनोद


विनोद रस्तोगी का इतिहास और जीवन परिचय - Vinod Rastogi biography and history in Hindi

विनोद रस्तोगी 'लोक नाट्य नौटंकी शैली' के एक प्रसिद्ध लेखक थे जिन्होंने बंटवारे की आग, लोरिक मजरी, भगीरथ के बेटे जैसी बड़ी-बड़ी नौटंकियाँ लिखी है. विनोद रस्तोगी का जन्म 12 मई 1923 को उत्तर प्रदेश में  फर्रुखाबाद जिले के शमसाबाद गांव में हुआ था. विनोद रस्तोगी के परिवार वाले व्यापार का कार्य करते थे. उन्होंने अपने प्रारंभिक शिक्षा अपने गांव में ही शमसाबाद में की थी, उसके बाद वो अपने बाकी की पढ़ाई पूरी करने के लिए शमसाबाद से कन्नौज चलें गए. 

कन्नौज मे विनोद रस्तोगी का संपर्क नौटंकी के बादशाह त्रिमोहन जी से हुआ, वही से विनोद रस्तोगी को त्रिमोहन जी के संपर्क में नौटंकी शैली का आश्रय मिला इससे प्रभावित होकर रस्तोगी जी नौटंकी शैली की ओर आकर्षित हुए. फिर उन्हें त्रिमोहन जी के साथ कानपुर में नौटंकी के मुख्य कलाकार श्री कृष्ण पहलवान को निकट से देखने का अवसर मिला जिसमें उन्होंने नौटंकी शैली के सभी तथ्यों को जाना और समझा. वहां उनका नौटंकी के प्रति और भी ज्यादा विश्वास प्रकट हुआ. 

कन्नौज और कानपुर में नौटंकी का लेखन, निर्देशन और अभिनय आदि देखकर विनोद रस्तोगी तत्काल ही इलाहाबाद आकाशवाणी केन्द्र के मुख्य प्रोडकास्ट महानिदेशक श्री जगदीश चंद्र माथुर के पास आए. सन 1960 में उन्हें जगदीश चंद्र माथुर के नेतृत्व इलाहाबाद आकाशवाणी केंद्र में असिस्टेंट ड्रामा प्रोड्यूसर के पद नियुक्त किया गया. जहाँ वो 22 साल तक इस पद पर कार्यरत रहे, उसके बाद उन्होंने 1982 में इस पद से स्तीफा दे दिया और दिल्ली चले गए वहां उन्होंने अन्य आकाशवाणीयों में भी कार्य किया था. विनोद रस्तोगी जी ने असिस्टेंट ड्रामा प्रोड्यूसर के रूप में नौटंकी के उत्थान के लिए काफी प्रयास किए थे. 

उन्होंने नौटंकी लिखने के लिए हर विषय पर कई राते गुजरी है. उन्होंने अपने हर नौटंकी 1 घंटे से लगाकर 20 मिनट तक की लिखी है. उन्होंने अपने पूरे कैरियर में 50 से भी ज्यादा नौटंकियां लिखी है जिसे उन्होंने आकाशवाणी के माध्यम से प्रस्तुत किया था. रस्तोगी जी "मुंशी इतवारी लाल" सबसे लम्बी नाटक श्रृंखला के प्रोड्यूसर भी थे और उस श्रृंखला के मुख्य अभिनेता भी थे. जो खासकर आकाशवाणी की सबसे बड़ी श्रृंखला थी. विनोद रस्तोगी जी ने देश के विभिन्न राज्यों का भ्रमण किया और उन क्षेत्रों में जगह-जगह जाकर मंचन किया. 

उन्हें श्री गौरी शंकर का साथ मिला जो संगीतकार थे और नगाड़े के लिए उन्हें मोहम्मद करीम का साथ मिला जिससे रस्तोगी जी को अपनी शैली में और भी ज्यादा मजबूती मिली. लेकिन समय के चलते श्री गौरी शंकर लखनऊ चले गए जहाँ उन्हें अन्य नौटंकी विद्वानों का साथ मिला. जिसमें उनके मुख्य शिष्य उदय चंद्र परदेसी थे जिन्होंने निस्वार्थ भाव से नौटंकी को प्रेरक बनाया था. जिसके कारण वहां के सभी जाने माने महान कलाकार उनसे जुडते चले गए. रस्तोगी जी के अटल प्रयासों के दिल्ली में पहली बार 1975 में नौटंकी का प्रस्ताव रखा गया था. जिसमें प्रमुख हिस्सेदार रस्तोगी जी और इलाहाबाद आकाशवाणी की टीम थी. 


विनोद रस्तोगी स्मृति संस्थान | Vinod Rastogi Smriti Sansthan

रस्तोगी जी के देहांत के पश्चात उनके पुत्र आलोक रस्तोगी ने रस्तोगी जी के शिष्य के सहयोग से रस्तोगी जी के नाम एक सांस्कृतिक संस्था का निर्माण किया, जिसे "विनोद रस्तोगी स्मृति संस्थान" नाम से शुरू किया था. जो आज पूरे भारत में Vinod Rastogi Smriti Sansthan के नाम से जाना जाता है. इस संस्था के मुख्य कार्यकर्ता आलोक रस्तोगी है. इसके अलावा इस संस्था में उनके साथ श्री अजय मुखर्जी, श्री अभिलाष नारायण और श्री उदय चंद्र परदेसी भी इस संस्था को संभालते है. 

विनोद रस्तोगी स्मृति संस्थान द्वारा हर साल कोई न कोई नौटंकी तथा लोक नाट्य समारोहों का आयोजित होता रहता है. इस संस्था ने अपने 19 वर्ष के कार्यकाल में 35 से भी अधिक नौटंकियां और 200 से 250 तक मंचन (drama) प्रस्तुत किए है. जिसमें विनोद रस्तोगी जी की प्रमुख नौटंकीयां तमाशा जारी है, आई भोर सुहानी, तोता मैना, भगीरथ के बेटे, कहानी घर-घर की, लोरिक मजरी, कहीं की ईंट कहीं का रोड़ा, नई लहर, बंटवारे की आग, खेल-खेल में आदि प्रमुख हैं.


विनोद रस्तोगी बायोग्राफी से संबंधित सवाल -

Q.1 विनोद रस्तोगी कौन?

Ans. लोक नाट्य नौटंकी शैली के प्रमुख लेखक.

Q.2 विनोद रस्तोगी जन्म कब हुआ था?

Ans. 12 मई 1923

Q.3 विनोद रस्तोगी का जन्म किस गाँव में हुआ था?

Ans. इलाहाबाद के शमसाबाद गांव में.

Q.4 विनोद रस्तोगी किस शैली के लेखक थे?

Ans. नौटंकी शैली के.

Q.5 विनोद रस्तोगी ने कुल कितने उपन्यास की रचना की?

Ans. 50 से ज्यादा.

Q.6 विनोद रस्तोगी जी ने इलाहाबाद  आकाशवाणी केन्द्र में किस पद पर कार्य किया था?

Ans. असिस्टेंट ड्रामा प्रोड्यूसर के पद पर.


तो यह था विनोद रस्तोगी का इतिहास और जीवन परिचय Vinod Rastogi biography and history in Hindi का लेख आपको यह जानकारी कैसी लगी प्लीज हमें कमेंट बाॅक्स में जरूर बताना.


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