प्रथम नाटक लेखक कौन थे?

 यदि आप जानना चाहते हैं कि प्रथम नाटक लेखक कौन थे?, तो यह लेख आपके लिए है। इसमें हमने प्रथम नाटक लेखक कौन थे, हिंदी का प्रथम नाटक कौन सा था, भारतेंदु का प्रथम नाटक कौन सा है आदि के बारे में जानकारी दी है।

प्रथम नाटक लेखक कौन थे? 

हिंदी नाटकों की शुरुआत भारतेन्दु हरिश्चंद्र से मानी जाती है। उन्होंने उस काल के भारतेन्दुजी और उनके समकालीन नाटककारों ने लोक चेतना के विकास के लिए नाटकों का निर्माण किया। इसलिए उस समय की सामाजिक समस्याओं को नाटकों में अभिव्यक्त होने का अच्छा अवसर प्रदान हुआ।

भारत में प्रथम नाटक लेखक "गोपालचंद्र गिरधरदास" माने जाते है। जिन्होंने सर्वप्रथम 1814 में "नहुष" नामक नाटक की रचना की थी। अगर गोपालचंद्र गिरधरदास के बारे में बात की जाएं तो आपको बता दें वे नाटको के वास्तविक जन्मदाता भारतेन्दु हरिश्चंद्र के पिता ही थे। जिन्होंने सर्वप्रथम पहला नाटक प्रस्तुत किया और फिर उनके पुत्र भारतेन्दु हरिश्चंद्र ने इसका उद्भव विकास किया व इसे एक नई दिशा दी।

हिंदी नाटक को साहित्यिक रूप प्रदान करने का पहला प्रयास भारतेन्दु जी ने ही किया। हालांकि उनके पूर्व नाटकों का अभाव था। लेकिन भारतेन्दु जी के पश्चात उन्होंने स्वयं नाटक लिखे और साहित्यिक मित्रों को इस ओर प्रवृत्त करने के साथ ही नाटकों की नई नींव भी डाली। इसलिए वास्तविक रूप से नाटक का पहला श्रेय भारतेन्दु हरिश्चंद्रजी को ही जाता है 

उन्होंने संस्कृत नाट्य शास्त्र में कई नियमों का परित्याग कर हिंदी नाटक को एक सर्वथा अभिनव प्रदान किया और उसे राष्ट्रीय भावनाओं के प्रचार के लिए एक सशक्त साधन बनाया।

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