पंडित जवाहरलाल नेहरू भाषण - Pandit Jawaharlal Nehru Speech in Hindi

 नमस्कार दोस्तों dramatalk.in पर आपका हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है. दोस्तों क्या आप Pandit Jawaharlal Nehru Speech in Hindi पंडित जवाहरलाल नेहरू पर भाषण खोज रहे है तो इस लेख में शुरू से लेकर अंत तक बनें रहिए.

क्योंकि आज आप यहाँ पंडित जवाहरलाल नेहरू पर और उनके जन्मदिन बाल दिवस पर भाषण पढ़ने वाले है. यदि आप पंडित जवाहरलाल नेहरू पर भाषण और बाल दिवस पर भाषण चाहते हैं तो यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित होगा.

पंडित जवाहरलाल नेहरू एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्हें स्वतंत्रता के पूर्व और आजादी के बाद भारत के केन्द्रीय व्यक्तित्व के रूप में जाना जाता है. उन्होंने देश में शासन स्थापित करने व देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. इसलिए आज की युवा पीढ़ी उनकी जीवनी से सीख लेती हैं

उन्हें किसी भी परिचय की आवश्यकता नहीं है. क्योंकि उनका नाम ही काफी है. उन्होंने अपना पूरा जीवन मातृभूमि की रक्षा हेतु समर्पित किया और देश की राजनीति को एक नई दिशा दी इसी आप समझ सकते हो कि वे हमारे लिए कितने महत्वपूर्ण घटक थे.

पंडित जवाहरलाल नेहरू भाषण | Pandit Jawaharlal Nehru Speech in Hindi

Speech intro: माननीय मुख्य अतिथि एवं यहाँ उपस्थित समस्त छोटे-बड़े गणों को सबसे पहले मेरी प्रणाम जैसा की आप सब जानते ही होंगे कि आज हम यहाँ इस मंच पर क्यों और किस लिए एकत्रित हुए हैं. क्योंकि आज ही के दिन हमारे देश के सबसे प्रमुख व्यक्तित्व पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म हुआ था.

इसलिए हम सब यहाँ उनके जन्मोत्सव को मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं. वैसे तो आप जवाहरलाल नेहरू जी के बारे में जानते ही होंगे क्योंकि वे भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे. नेहरू जी को बच्चों से बेहद ही लगाव था. वे बच्चों के साथ ही अपना जन्मदिन मनाते थे इसलिए उनकी मृत्यु के बाद उनके जन्म दिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है.

Main Speech: पंडित जवाहरलाल नेहरू 14 नवम्बर 1889 को जन्मे थे. इसी उद्देश्य से प्रति वर्ष 14 नवम्बर को उनका जन्मोत्सव मनाया जाता है. नेहरू जी का प्रारंभिक जीवन इलाहाबाद में ही बीता जहाँ उनका जन्म हुआ था. उन्हें बचपन से ही कभी भी किसी चीज की कमी महसूस नहीं हुई क्योंकि उनका जन्म एक धनी परिवार में हुआ था. उनके पिता का नाम मोतीलाल नेहरू और माता का नाम स्वरूपरानी थुस्सू था.

मोतीलाल नेहरू पेशे से एक वकील थे. उनके तीन बच्चे थे एक जवाहरलाल नेहरू जो कि एकलौते पुत्र थे वही उनकी दो बहनें थी जिनका नाम विजया लक्ष्मी और कृष्णा हठीसिंग था. नेहरू जी की प्रारंभिक शिक्षा इलाहाबाद में ही पूरी हुई हालाँकि बाद में उन्नत शिक्षा प्राप्त करने के लिए विदेश गए थे. धनी परिवार में पैदा होने की वजह से नेहरू जी को बचपन से उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला.

उन्होंने अपनी स्नातक की डिग्री विश्व के प्रसिद्ध काॅलेज हैरो से पास की और वकालत की पढ़ाई कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में पूरी की इस दौरान उन्होंने लगभग सात वर्ष व्यतीत किए और साथ ही फैबियन समाजवाद एवं आयरिश राष्ट्रवाद के लिए एक तर्कसंगत दृष्टिकोण भी विकसित किया. 1912 में वे वापस भारत लौटे और उन्होंने वकालत शुरू की लेकिन बाद छोड़ दी. 1916 में कमला नामक स्त्री के साथ उनका विवाह हुआ.

जिसकी एक बेटी हुई उसका नाम श्रीमती इंदिरा गाँधी था जो कि भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री के रूप में जानी जाती है. सन 1924 से 1926 तक नेहरू जी इलाहबाद नगर-निगम के अध्यक्ष रह लेकिन बाद में ब्रिटिश अधिकारियों के असहायोग के कारण अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. उसके बाद जवाहरलाल नेहरू गाँधीजी से मिले और गाँधीजी ने नेहरू जी को सर्वश्रेष्ठ नेता के रूप में चुना.

तब नेहरू जी सविनय अवज्ञा आंदोलन की ओर आकर्षित हुए और गाँधीजी के उपदेशों का पालन करते हुए पश्चिमी कपड़े और महंगी संपत्ति आदि त्यागकर गाँधीजी की तरह साधारण गांधी टोपी और खादी कुर्ता पहने लगे. उसके बाद 1936 में नेहरू जी कांग्रेस सरकार के अध्यक्ष पद पर तैनात रहे और 1942 में गांधी द्वारा चलाए गए भारत छोडो आंदोलन में शामिल हुए.

जिसमें उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था लेकिन तीन साल तक जेल में रहे 1945 में वापस छुट गए और 1947 में भारत को आजादी मिली. भारत को आजादी मिलने के बाद जवाहरलाल नेहरू ने ब्रिटिश सरकार के साथ बातचीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया. इस तरह नेहरू जी ने अपने जीवनकाल में आजादी के पूर्व संघर्ष किया और बाद में एक प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा की.

नेहरू जी एक सच्चे देशभक्त और एक ईमानदार नेता थे. उन्हें स्वतंत्रता की लड़ाई में अविस्मरणीय योगदान के लिए जाना जाता है. आज वे भले ही हमारे साथ नहीं है लेकिन उनके द्वारा दिए योगदान की छवि हमेशा हमारे साथ रहेंगी. क्योंकि उन्होंने देश के लिए वो काम किया जो अन्य नेताओं के लिए असंभव है. वे समकालीन भारतीय राष्ट्रीय राज्य के एक धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी, सार्वभौम और लोकतांत्रिक गणराज्य के निर्माता माने जाते हैं.

उन्होंने एक राजनीतिज्ञ होने के नाते अपनी योग्यता साबित की है. वैसे तो नेहरू जी शांति प्रिय व्यक्ति थे लेकिन जब उन्होंने यह देखा की अंग्रेजो द्वारा भारतीयों पर अत्याचार हो रहा हैं. तब वे ब्रिटिश सरकार के खिलाफ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हुए और राष्ट्र पिता महात्मा गांधी के साथ मिलकर उनके नेतृत्व में खड़े हुए. इस दौरान उन्हें कई मुसीबतो का सामना करना पड़ा और जेल भी गए.

उन्हें कई दिनों तक जेल की काल कोठरियों में रखा गया लेकिन तब भी उनका अपने देश प्रति प्यार कम नहीं हुआ. अगर आज हमारा देश आजाद है तो उसमें भी नेहरू जी अथक प्रयास था. उन्होंने अपने जीवन में बहुत से महान कार्य किए है जो कि आज के युवाओं के लिए प्रेरणादायी है इसलिए आप समझ सकते हो नेहरू जी का जन्मदिन मनाना हमारे लिए कितना आवश्यक है इसी के साथ मैं अपनी वाणी पर विराम देना चाहूँगा धन्यवाद


बाल दिवस पर भाषण इन हिंदी - Children’s Day Speech in Hindi

आदरणीय मंच विराजमान एवं यहाँ उपस्थित समस्त मेरे भाइयों और बहनों सबसे पहले आप सभी को मेरा प्रणाम जैसा की आप सब जानते ही हैं आज 14 नवम्बर है. जो कि हम सब के लिए खुशी का अवसर है. क्योंकि हमारे भारत में 14 नवम्बर को पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म हुआ था इसलिए उनके जन्मदिन को मनाने के लिए इस दिन को बाल दिवस के रूप मनाया जाता है.

विश्व के सभी देशों में बाल दिवस अलग-अलग तारीख को मनाया जाता है और वैश्विक बाल दिवस 20 नवम्बर को मनाते है. लेकिन भारत में इसे 14 नवम्बर को मनाया जाता है क्योंकि कहा जाता है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू बच्चों से बहुत स्नेह रखते थे और बच्चों से उनका बेहद लगाव था इसलिए 1964 में पंडित जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु के बाद भारत में बच्चों के प्रति उनका स्नेह और लगाव को देखते हुए तत्कालीन सरकार ने इस दिन को बाल दिवस के रूप में घोषित किया था.

तभी से भारत में हर वर्ष इस दिन को बाल दिवस के तौर पर मनाया जाता है. बाल दिवस मुख्यतः बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और देश भर के तमाम बच्चों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार को रोकने के उद्देश्य से मनाया जाता है. यह दिन मुख्य रूप से बच्चों को समर्पित किया जाता है इस बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार कार्यक्रम और प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती हैं. जिसमें कई बच्चे हिस्सेदार बनते हैं और अपना प्रदर्शन दिखते हैं.

बाल दिवस हम सबके लिए बचपन का एक सबसे सुंदर और महत्वपूर्ण अवसर होता है. जिसमें बच्चों को प्यार, देखभाल और अच्छी शिक्षा के बारे में जानकारी दी जाती हैं. क्योंकि बच्चों के विकास से ही देश का विकास होता हैं. जिन देशों मे बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं मिल पाती उन देशो का समुचित विकास भी नहीं हो पाता इसलिए बाल दिवस की शुरुआत बच्चों के शोषण को रोकने व उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए की गई थी.

बाल दिवस मनाना इसलिए महत्वपूर्ण है कि यह बच्चों द्वारा किसी भी राष्ट्र की नींव को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता हैं क्योंकि बच्चे ही देश का भविष्य उज्ज्वल करते है ऐसे में उनके लिए भी एक महत्वपूर्ण दिन होना चाहिए ताकि उन्हें भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिले और भविष्य में अपने देश का और अपने माता-पिता का नाम रोशन कर सके इसलिए आप समझ ही सकत हो कि हम सबके लिए बाल दिवस का महत्व कितना अधिक है?


पंडित जवाहरलाल नेहरू पर छोटा भाषण | Pandit Jawaharlal Nehru Short Speech in Hindi

आप सभी को नेहरू जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बहुत बहुत बधाई जैसा की आप सब जानते ही हैं आज का दिन हम सबके लिए बहुत ही खास दिन है क्योंकि आज हमारे देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म हुआ था.

उसी उपलक्ष्य में हम सब यहाँ उनका जन्मदिन मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं. नेहरू जयंती हम सबके लिए एक ऐसा दिन है जो हमें पंडित जवाहरलाल नेहरू की याद दिलाता है.

यह दिन हर साल 14 नवम्बर को मनाया जाता है जो कि पूरी तरह से पंडित नेहरू को समर्पित है इसे बाल दिवस भी कहा जाता है क्योंकि नेहरू जी हमेशा बच्चों के बीच ही रहना पसंद करते थे और वे बच्चों से बहुत प्रेम करते थे इसलिए बच्चे उन्हें अंकल नेहरू कहकर पुकारते थे.

बाद में उनके देहांत के पश्चात इस दिन को बाल दिवस के रूप में मनाते की घोषणा की गई थी इसलिए इस दिन को बाल दिवस भी कहते है

इस दिन नेहरू जी को श्रद्धांजलि देकर उन्हें सम्मान दिया जाता है और इस दौरान विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. जिसमें शिक्षक, बच्चे और अभिभावक सब बड़े ही धूमधाम से इस जश्न का आनंद लेते है.

मै यहाँ बाल दिवस के इस मौके पर जवाहरलाल नेहरू के बारे अपने कुछ दो शब्द कहना चाहूँगा. जवाहरलाल नेहरू 14 नवम्बर 1889 को इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश में जन्मे थे.

उनके पिता एक वकील थे और माता एक धार्मिक स्त्री थी दोनों राजनीति में विश्वास करते थे इसलिए नेहरू जी बचपन से ही राजनीति में पले-बड़े और बाद में राजनीति ही उनके जीवन का अहम हिस्सा बनी.

उन्होंने कई आंदोलनों में हिस्सा लिया और एक सर्वश्रेष्ठ के तौर पर अपनी भूमिका निभाई. सन 1947 में नेहरू और अन्य नेताओं के अथक प्रयास से देश को आजादी मिली तब नेहरू जी देश के प्रधानमंत्री के रूप में विराजमान हुए.

प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने कई आर्थिक और सामाजिक सुधार किए और देश में एक नई नींव रखी. 1962 में भारत पर चीन का हमला हुआ जिसमें नेहरू जी पर गहरा प्रभाव पड़ा और 27 मई 1964 को दिल का दौरा पड़ने की वजह से उनका देहांत हो गया था.


बाल दिवस पर छोटा भाषण - Short Speech on Children’s Day in Hindi

आज का दिन पूरे भारतवर्ष में बाल दिवस के रूप मे मनाया जाता है. क्योंकि इस दिन हमारे देश के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी का जन्म हुआ इसलिए उनके जन्मदिन को ही हम बाल दिवस के रूप मे मनाते है.

उनका जन्म 14 नवंबर को हुआ था. वे हमेशा बच्चों के बीच ही रहना पसंद करते थे और हमेशा बच्चों से मिलने के लिए जाया करते थे. इसलिए उनके जन्मदिन के साथ ही बाल दिवस भी मनाया जाता है. यह प्रत्येक वर्ष 14 नवम्बर को मनाया जाता है

बाल दिवस बच्चों के लिए एक विशेष दिवस होता है इस दिन सब बच्चे अच्छे से सज-धज कर स्कूल जाते है. इस दौरान स्कूलों मे बाल दिवस मेला भी लगता है. जिसमें बच्चे अपने द्वारा बनायीं गयी हर एक चीज़ व कला का प्रदर्शन करते हैं.

इस दिन कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और बच्चे विभिन्न प्रकार की भाषण व निबंध प्रतियोगिता मे भाग लेकर अपना प्रदर्शन दिखते हैं इस तरह बाल दिवस छोटे बड़े सभी बड़े ही हर्ष और उमंग के साथ मनाते है


Jawaharlal Nehru Speech in Hindi for Students - जवाहरलाल नेहरू स्पीच इन हिंदी

आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय, शिक्षक गण एव मेरे प्रिय मित्रों आप सभी को तहे दिल मेरा प्रणाम आज हम यहाँ इस मंच पर बाल दिवस के दिन एकत्रित हुए हैं. आज का दिन निश्चित रूप से उन विद्यार्थियों को विशेष स्थान देने के लिए जो कि वे वास्तव में उसके योग्य है कि नहीं. वैसे तो हम  सब जानते ही हैं कि हर साल हम 14 नवंबर को बाल दिवस मनाते है

लेकिन क्या आप यह जानते है कि इस दिन का महत्व क्या हैं? तो आपको बता दें कि पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्म दिन को हम संपूर्ण देश में बाल के रूप में मनाते है क्योंकि पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के प्रथम प्रधानमंत्री और महान नेता थे जिन्होंने देश को स्वतंत्र करने और देश में कानून लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. नेहरु स्वयं एक पढ़े लिखे व्यक्ति थे इसलिए वे शिक्षा के महत्व को भली-भाँति जानते थे

की कैसे हर एक भारतीय नागरिक को पढ़ना और लिखना चाहिए ताकि हमारे देश का नाम रोशन हो सके. क्योंकि समकालीन भारतीय गणराज्य में उनके द्वारा किए राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक सुधारों के चिन्ह आज भी उतने ही स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं जितना की हमारा देश बढ़ती अर्थव्यवस्था और वास्तविकता के साथ विकसित हो रहा है.

एक राजनीतिज्ञ नेता होने के बावजूद भी नेहरू जी ने अपनी काबिलयत साबित की थी एवं आर्थिक सुधार के रूप में देश को अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया. जिसमें उन्होंने भारत के योजना आयोग का निर्वहन किया जिसके अंतर्गत सरकार अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए ‘पंचवर्षीय योजना’ तैयार करती है. जिसमें विभिन्न प्रकार के अन्य आर्थिक सुधारों को सुचारु रूप से लागू किया जाता है.

वही नहीं आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्र के अलावा भी नेहरू जी ने शैक्षणिक क्षेत्र में भी अपना विशेष योगदान दिया है जिसे अनदेखा नहीं की जा सकता, क्योंकि उन्होंने बदलाव के लिए भारतीय समाज में उत्प्रेरक के रूप में काम किया जिसमें उन्होंने कई नि: शुल्क शैक्षणिक संस्थान, मेडिकल साइंसेज, प्रौद्योगिकी संस्थान आदि की भी स्थापना कराई.

मुझे विश्वास है कि आपको चाचा नेहरू पर भाषण सुनकर अच्छा लगा होगा इसी के साथ मैं अपनी वाणी पर विराम देना चाहूँगा धन्यवाद 

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