रामकृष्ण परमहंस जयंती 2022 - जानिए रामकृष्ण परमहंस जयंती कब और क्यों मनाई जाती है तारीख व समय

Shri Ramakrishna Paramahansa Jayanti 2022: रामकृष्ण परमहंस जयंती हर साल आध्यात्मिक गुरु स्वामी रामकृष्ण परमहंस के जन्मोत्सव को लेकर मनाई जाती है. यह जयंती प्रति वर्ष "फाल्गुन शुक्ल द्वितीया तिथि" को मनाई जाती है. गुरु रामकृष्ण परमहंस को विष्णु का अवतार माना जाता है. हमारे हिन्दू धर्म में रामकृष्ण परमहंस जयंती के दिन उनकी पूजा की जाती है. रामकृष्ण परमहंस स्वामी विवेकानंद के प्रमुख गुरु थे जिन्होंने न सिर्फ अपने देश में बल्कि विदेशों में भी अपनी छाप छोड़ी है.


रामकृष्ण परमहंस जयंती क्यों मनाई जाती है

रामकृष्ण परमहंस जन्म जयंती खासकर गुरु परमहंस जी को याद करने के लिए मनाई जाती है. इस दिन उनका जन्म हुआ था इसलिए उनके जन्मदिन को यादकर उन्हें सम्मान देने के लिए यह जयंती मनाई जाती है. वे महावीर स्वामी और गौतम बुद्ध जैसे ही बुद्धिजीवी व्यक्ति माने जाते है. वे संस्कृत भाषा को ज्यादा महत्व देते थे. वे मां काली के पुजारी हुआ करते क्योंकि वे हमेशा मां काली का मंत्रजाप करते थे.

गुरु रामकृष्ण परमहंस सनातन धर्म को भली भाँति मानने वाले व्यक्ति थे. वे भारत के महान ऋषि-मुनि, संत और विचारक थे. जिन्होंने अपनी तर्क शक्ति का सहारा कम लिया और अपने आत्मविश्वास के बलबूते पर भक्ति भाव को ईश्वर के समक्ष रखा. उन्होंने न केवल एक धर्म बल्कि हर धर्म को कोई न कोई सीख जरूर दी, सभी धर्मों में उनकी आस्था और श्रृद्धा एक समान थी. उन्होंने बारी-बारी अपनी साधना से ईश्वर के समक्ष परम-सत्य का मार्ग अपनाया था.


रामकृष्ण परमहंस जयंती 2022 में कब है तारीख व समय

अगर आप जानना चाहते है रामकृष्ण परमहंस जयंती 2022 में कब है तो आपको बता दें कि रामकृष्ण परमहंस जयंती 2022 मे 4 मार्च को है. इस दिन संपूर्ण भारतवर्ष में रामकृष्ण परमहंस जयंती बड़े ही धूम-धाम से मनाई जायेंगी. 

त्योहार का नाम: रामकृष्ण परमहंस जयंती

सटीक दिन: फाल्गुन माह शुक्ल पक्ष

शुरू तिथि: द्वितीया तिथि

खत्म तिथि: द्वितीया तिथि

2022 में: 4 मार्च 2022

समय शुरू: 3 मार्च 2022 21:35 से

समय खत्म: 4 मार्च 2022 20:45 तक

वार: शुक्रवार


रामकृष्ण परमहंस कौन थे? जिनके कारण रामकृष्ण परमहंस जयंती मनाई जाती है

रामकृष्ण परमहंस एक महान व्यक्तित्व वाले संत, विचारक और धार्मिक गुरु थे. वे फाल्गुन माह की शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि को 18 फरवरी 1836 में जन्मे थे. उनके पिता का नाम खुदीराम था. उनके गुरु संत तोताराम जी थे. जिन्होंने गुरु रामकृष्ण परमहंस को अपनी आध्यात्मिक शक्ति द्वारा ही ज्ञान अर्पित कराया था. गुरु परमहंस जी ने अपनी सच्ची भक्ति और मेहनत से कई सिद्धियाँ प्राप्त की थी. जिनका उपयोग उन्होंने मनुष्य जाती को उपदेश देने के लिए किया था. 

गुरु रामकृष्ण परमहंस जी ने मूर्ति पूजा को व्यर्थ समय गँवाने के बारे में उपदेश दिए है. उन्हें बचपन में लोगों द्वारा गदाधर नाम से पुकारा जाता था. वे एक ब्राह्मण परिवार में जन्मे थे, अनकी आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब थी जिसके चलते उनका बचपन गरीबी में बीता पर ईश्वर के प्रति उनकी आस्था और श्रृद्धा हमेशा बनी रही. उसी भक्ति से उनकी प्रसिद्धी इतनी बड़ी की लोग उनके दर्शन करने दूर-दूर से आते थे. उनके प्रमुख शिष्य स्वामी विवेकानंद थे जिन्होंने अपने गुरु के नाम से रामकृष्ण मिशन की स्थापना की है.


रामकृष्ण परमहंस जयंती मनाने की परंपरा और उत्सव

रामकृष्ण परमहंस जयंती एक ऐसा त्योहार है, जो अन्य त्योहारों की भाँति देश कोने कोने में बड़े ही उल्लास और खुशियों के साथ मनाया जाती है. इस दिन रामकृष्ण परमहंस जी के भक्त और उन्हें चाहने वाले उनके जन्मोत्सव को लेकर काफी उत्साहित रहते है. उनके अनुयायी और उनके भक्त उनके जन्म स्थान पर जाकर भजन कीर्तन करते हैं और कई तरह के कार्यक्रम आयोजित करते है. सब में इस पर्व को लेकर बहुत ही ज्यादा उत्साह रहता है. 


रामकृष्ण परमहंस जयंती से संबंधित सवाल - Ramakrishna Paramahansa Jayanti FAQ in Hindi

Q.1 रामकृष्ण परमहंस जयंती कब मनाई जाती है?

Ans. फाल्गुन माह की शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि को

Q.2 रामकृष्ण परमहंस जयंती 2022 में कब है?

Ans. 4 मार्च 2022

Q.3 रामकृष्ण परमहंस जयंती क्यों मनाते है?

Ans. गुरु रामकृष्ण परमहंस के जन्मोत्सव को लेकर

Q.4 रामकृष्ण परमहंस जयंती पर किन्हे याद किया जाता है?

Ans. गुरु रामकृष्ण परमहंस जी को

Q.5 रामकृष्ण परमहंस जयंती 2021 में कब थी?

Ans. 15 मार्च को 


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