धनतेरस का त्योहार क्यों और कैसे मनाया जाता है | How to celebrate dhanteras festival in hindi

How to celebrate dhanteras festival in hindi: हेलो दोस्तों स्वागत है आपका आज की इस त्योहारिक जानकारी में दोस्तों आज हम जानने वाले है कि धनतेरस त्योहार क्या है? तथा यह क्यों? और कैसे? मनाया जाता है, यह कब आता है इन सभी तथ्यों को विस्तार से जानने वाले है वर्षा ऋतु के जाने के बाद सबसे पहले नौ दिन की नवरात्रि का त्योहार आता है कुछ दिन बाद Dhanteras festival आता है जो धन और संपत्ति में वृद्धि करने के लिए मनाया जाता है।



How to celebrate dhanteras festival in hindi
How to celebrate dhanteras festival in hindi


धनतेरस त्योहार क्या होता है?

Dhanteras एक भारतीय festival है जो दीवाली के ठीक दो दिन पहले आता है। इस दिन कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को "भगवान धन्वन्तरि" का जन्म हुआ था। इसलिए इनके नाम से धन + त्रयोदशी के सिद्धी योग से 'धनतेरस' नाम दिया गया था। सरल भाषा में कहें तो भगवान धन्वन्तरि का जन्म दिवस ही धनतेरस है। इसलिए हर वर्ष इस तिथि को 'धनतेरस त्योहार' के रूप में मनाया जाता है। 


Dhanteras त्योहार क्यों मनाया जाता है

धनतेरस पाच दिवसीय दीपावली की शुरुआत का पहला त्योहार है। यह खासकर भगवान धन्वन्तरि को प्रसन्न करने के लिए मनाया जाता है क्योंकि इस दिन इनकी पूजा करने से धन में तेरह गुना वृद्धि होती है। इसलिए धन के भंडारण के लिए यह दिन सबसे शुभ माना जाता है। कहते हैं कि समुद्र मंथन से जब भगवान धन्वन्तरि प्रकट हुए तब वह अपने हाथों में अमृत से भरा हुआ कलश लिए प्रकट हुए थे। तभी से इन्हें साक्षात भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है।


How to celebrate dhanteras festival in hindi

धनतेरस त्योहार कैसे मनाया जाता है? हमारे देश में कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन रात को घर में मुख्य द्वार के बहार बालकनी में दक्षिण दिशा की ओर दीप जलाकर फिर पूजा पाठ किया जाता है। इस प्रकार भगवान धन्वन्तरि को प्रसन्न कर धनतेरस त्योहार मनाया जाता है। इस दिन किसी भी प्रकार की लोग कोई न कोई नई वस्तुएँ खरीदते है, खासकर सोने और चांदी के बर्तन खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है ताकि घर में भगवान धन्वन्तरि की कृपा हमेशा बनी रहे।


Dhanteras त्योहार के दिन भगवान धन्वन्तरि की पूजा कैसे की जाती है

धनतेरस के दिन भगवान धन्वन्तरि, लक्ष्मी माता, गणेश जी, कुबेर जी आदि की पूजा की जाती है। इस पूजा से घर में धन की कमी नहीं रहती है और हमारे जीवन में सुख-शांति मिलती है। धनतेरस पूजा कैसे की जाती है? धनतेरस को शाम के समय सबसे पहले भगवान धन्वन्तरि की पूजा करते है फिर धन की देवी लक्ष्मी की पूजा कर कुबेर और गणेश जी की पूजा की जाती है। 


Dhanteras festival पूजा विधि

सबसे पहले पूजन की सभी सामग्री को एक जगह इकट्ठा कर ले फिर भगवान धन्वन्तरि और अन्य धन के देवताओं की फोटो या मूर्ति अपने सामने रख ले फिर इनके पास ही चावल या रंग के प्रयोग से एक अष्टदल कमल की रंगोली बनाए इसके पश्चात पीले कपड़े को भगवान धन्वन्तरि की तस्वीर पर पहना दे फिर कलश और नारियल पर स्वास्थिक की चित्र बनाए इसके बाद नारियल को कलश में डाले आदि सभी कार्यों को पूरा करें फिर अन्य हवन सामग्री से आरती के साथ पूजा करना आरंभ करें और भगवान धन्वन्तरि और माता लक्ष्मी के स्त्रोत पढते जाए। पूजा खतम होने के बाद घर में उपस्थित सभी सदस्यों को आरती दे। इससे हमारे जीवन में मंगलमय लाभ की प्राप्ति होती है। इसलिए धनतेरस के दिन भगवान धन्वन्तरि की पूजा की जाती है।


Dhanteras त्योहार का महत्व 

दीपावली एक सबसे बड़ा त्योहार है इसलिए इसको बनाए रखने के लिए इसके आगे-पीचे बहुत से त्योहार आते है उन्ही त्योहारों में से dhanteras भी एक महत्वपूर्ण त्योहार है। इसको धनतेरस व्रत, ध्यान तेरस या धन्य तेरस आदि अन्य नामो से भी जाना जाता है। भगवान धन्वन्तरि को सिकित्सा का देवता कहां जाता है। इसलिए सिकित्सक इस त्योहार को "राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस" के रूप मनाते है और यह त्योहार सिकित्सको के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहार है। इस त्योहार की शुरुआत से ही दीवाली की तैयारियाँ शुरू होती है तथा यही दीवाली का प्रारंभिक त्योहार है।

इस प्रकार धनतेरस के त्योहार को मनाया जाता है। जिसमें धन के देवता भगवान धन्वन्तरि, कुबेर, लक्ष्मी माता, गणेश जी आदि की पूजा की जाती है और घर में उपस्थित समस्त संकटो को दूर किया जाता है। उम्मीद करता हूँ की आपको धनतेरस का त्योहार क्यों और कैसे मनाया जाता है how to celebrate dhanteras festival in hindi जानकारी अच्छी लगी होगी। यदि आपको यह पसंद आए तो इसको ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।


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